22 Dec 2025 : प्रयागराज शहर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रेलवे एक जनवरी से रिंग रेल सेवा शुरू करने जा रहा है। यह सेवा शहर के चारों ओर एक तय सर्किल में चलकर वापस अपने प्रारंभिक स्टेशन पर लौटेगी और प्रतिदिन यही क्रम दोहराया जाएगा। रिंग रेल का संचालन चार रूटों पर तीन प्रमुख स्टेशनों—झूंसी, प्रयाग और प्रयागराज जंक्शन—से किया जाएगा।

रेलवे प्रशासन ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। माघ मेले को ध्यान में रखते हुए यह सुविधा विशेष रूप से श्रद्धालुओं और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। रिंग रेल से लगभग 500 किलोमीटर के दायरे में यात्रा कर यात्री स्नान के बाद उसी ट्रेन से घर वापसी कर सकेंगे।
चार रूट, तीन स्टेशन—कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार
- झूंसी से रिंग रेल: यह ट्रेन वाराणसी, गाजीपुर सिटी, छपरा, थावे, सीवान और भटनी होते हुए चलेगी।
- प्रयाग से रिंग रेल: प्रतापगढ़, अयोध्या और वाराणसी होते हुए प्रयाग लौटेगी।
- प्रयागराज जंक्शन से रिंग रेल: बांदा के रास्ते झांसी और गोविंदपुरी होकर ग्वालियर तक का सफर कवर करेगी।
समय-सारिणी के प्रमुख बिंदु
- गाड़ी संख्या 05101: झूंसी से सुबह 9:00 बजे प्रस्थान, रात 9:39 बजे भटनी पहुंचकर 10:00 बजे वापसी, सुबह 4:15 बजे झूंसी आगमन।
- गाड़ी संख्या 05102: झूंसी से दोपहर 2:30 बजे चलकर अगले दिन सुबह 9:00 बजे झूंसी वापसी।
- 01808: प्रयागराज से ग्वालियर (वाया बांदा), हर शुक्रवार सुबह 6:45 बजे।
- 01805/01807/01806: झांसी–प्रयागराज–ग्वालियर सेक्शन पर साप्ताहिक संचालन।
पूर्वोत्तर रेलवे (NER) द्वारा 1 जनवरी से 17 फरवरी 2026 तक दो रिंग रेल सेवाएं चलाई जाएंगी। वहीं, प्रयाग से संचालित होने वाली रिंग रेल की समय-सारिणी इसी सप्ताह जारी होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, रिंग रेल सेवा से प्रयागराज और आसपास के जिलों में आवागमन आसान होगा, माघ मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन सुधरेगा और शहर के समग्र विकास को नई रफ्तार मिलेगी।



