अनाज मंडियों में किसान धान की बिक्री नहीं कर पाए। किसानों की ट्रॉलियों को अनाज मंडी में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया। जो अंदर दाखिल हुईं, उन्हें कच्ची प्रति देकर भेजा गया। गेट पास न काटे जाने पर किसानों में काफी रोष था। इसको लेकर उन्होंने हंगामा किया। किसानों के रोष को देखते हुए मार्केट कमेटी प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन एक घंटा बीतने के बाद भी किसानों का समाधान नहीं हुआ। मंडी के गेट पर ट्रॉलियों की लंबी लाइनें लग गईं।
किसानों का कहना है कि जब सरकार ने 3 सितंबर से गेहूं खरीद की घोषणा की गई है तो उन्हें गेट पास क्यों नहीं दिया जा रहा। कच्ची पर्ची से उनकी धान को प्राइवेट में खरीदा जाएगा। ऐसे में किसान को काफी नुकसान होगा। किसानों ने प्रशासन व पुलिस से गेट पास कटवाने की गुहार लगाई।



