कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की गोरखपुर में मौत में मामले में पुलिस की कारगुजारी पर शुरू से ही लीपापोती की कोशिश हो रही है। पहले तो पुलिस इसे हत्या मानने को ही तैयार नहीं थी। जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले में हस्तक्षेप किया तो 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया, लेकिन अफसरों ने CM के आदेश की परवाह न करते हुए FIR में 3 पुलिसकर्मियों को ही नामजद किया। 3 को अज्ञात बता दिया। जिन्हें नामजद किया, उन्हें भी अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
इतना ही नहीं डीएम और एसएसपी पीड़ित परिवार पर इस बात के लिए दबाव बनाते रहे कि केस दर्ज होने पर 6 पुलिसकर्मियों का परिवार बर्बाद हो जाएगा। कोर्ट कचहरी की लड़ाई लंबी चलती है। वे केस दर्ज न कराएं।



