पाक आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने 1965 की जंग की 53वीं बरसी पर कहा कि हम सीमा पर बहने वाले खून का बदला लेंगे। 1965 और 1971 की लड़ाई से हमने काफी सीख ली है। 6 सितंबर का दिन पाकिस्तान के लिए यादगार है। हमारे घरों, स्कूलों और नेताओं पर हमले किए गए। यह हमें कमजोर करने की साजिश थी।
जनरल बाजवा ने कहा कि भारत के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों की हिम्मत को सलाम है। अपने आत्मसम्मान के लिए कश्मीरी जिस तरह जूझ रहे हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की बात भी कही। आर्मी चीफ ने कहा कि अब तक हुए युद्ध में 70 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी मारे जा चुके हैं या घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 1965 में भारतीय सेना ने रात के अंधेरे में पाकिस्तान पर हमला किया था, लेकिन हमने इसे नाकाम कर दिया था। बाजवा ने कहा कि दो दशक से देश काफी मुश्किल दौर से गुजर रहा है और यह जंग अब भी जारी है।
पहले दिन से जंग के खिलाफ : कार्यक्रम में प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान किसी दूसरे देश की लड़ाई में हिस्सा नहीं बनेगा। मैं पहले दिन से ही जंग के खिलाफ हूं। पाकिस्तानी सेना बेहतर तरीके से काम कर रही है और राजनीति में उसका कोई हस्तक्षेप नहीं है। हमारी विदेश नीति दूसरे देशों से संबंध बेहतर करने की है।
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