प्रयागराज
भीषण ठंड में,प्रयागराज विद्वत् परिषद के तत्वावधान में महर्षि भारद्वाज जयंती प्रयागराज दिवस धूमधाम से मनाया गया। बड़ी संख्या में साधु संत प्रबुद्ध जन प्रयागराज के प्रथम गुरु महर्षि भारद्वाज को पुष्पांजलि करने जुटे।
माघ मास की पंचमी को प्रयागराज के प्रथम ज्ञात महान गुरु महर्षि भारद्वाज जिन्होंने हवा में उड़ने वाले यंत्र का आविष्कार किया था । माघ मेले के प्रवर्तक थे। आयुर्वेद के जनक हैं कि जयंती पर सुबह सवेरे माल्यार्पण कर उनके कार्यों को याद किया गया। महर्षि भारद्वाज जी के जन्मोत्सव के दिन ही प्रयागराज दिवस मनाया जाता है। जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी पुलिस बैंड आज के जरिए महर्षि को सम्मान दिया गया इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन भी जुटे जिन्होंने पुष्पांजलि की।
महर्षि भारद्वाज की प्रतिमा की शोभायात्रा संगम तक जाएगी जहां पर गंगा पूजन किया जाएगा। महर्षि भारद्वाज यही माघ मेला और कुंभ मेला के जनक भी हैं।
इस अवसर पर धर्माचार्य ने प्रयागराज को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने संगम से पांच कोष की परिधि में मांस मदिरा के सार्वजनिक उपयोग और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने जैसी मांग की है। जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक आश्वासन दिया है।
समारोह में महन्त श्रीधरानन्द, महन्त यमुनापुरी सचिव महानिर्वाणी अखाड़ा , जगदगुरू श्रीधराचार्य वैकुण्ठ धाम, नित्यनाथाचार्य जी,चन्द्र देव जी सच्चा आश्रम, राधामाधव दास, जगदगुरू नारायणा शांडिल्य गुरू संयोजक वीरेन्द्र पाठक, अभिषेक माघ, आशुतोष शुक्ल शशिकांत मिश्र , विक्रम मालवीय धीरज द्विवेदी, शैलेंद्र अवस्थी, डा प्रमोद शुक्ला, राहुल दुबे, संदीप शर्माअनिल मिश्र सुधीर द्विवेदी, आदि पुष्पांजलि में शामिल रहे।



