लखीमपुर हिंसा केस की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पंजाब हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज को नियुक्त किए जाने के बाद यूपी पुलिस ने भी जांच अधिकारियों में फेरबदल किया है। मामले की जांच कर रही SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) में तीन नए IPS को शामिल किया गया है। यूपी कैडर के यह अधिकारी दूसरे प्रान्तों के रहने वाले हैं।
लखीमपुर में 4 किसानों समेत 8 लोगों की हत्या के केस की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने आदेश दिया था कि जांच कर रही एसआईटी में यूपी बाहर के मूल निवासी अफसरों को रखा जाए। कोर्ट के आदेश पर बुधवार को एसआईटी में मूल रूप से महाराष्ट्र रहने वाले IPS एसबी शिरोडकर, पंजाब के प्रीतिंदर सिंह और आंध्र प्रदेश की पद्मजा चौहान को शामिल किया गया है। कोर्ट ने जांच की निगरानी पंजाब हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज राकेश कुमार जैन को सौंपा है।आइपीएस अधिकारी एसबी शिरोडकर माहाराष्ट्र के मूल निवासी हैं। वह उत्तर प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। इस समय वह अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) इंटेलिजेंस पद पर तैनात हैं। प्रितिंदर सिंह मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं। वह यूपी कैडर के 2004 बैच के आइपीएस हैं। इस समय वह पुलिस उपमहनिरिक्षक (डीआइजी) सहारनपुर पद पर तैनात हैं। पद्मजा चौहान मूल रूप से हैदराबाद की रहने वाले हैं। वह उत्तर प्रदेश कैडर की 1998 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। इस समय उत्तर प्रदेश पुलिस प्रोन्नति एवं भर्ती बोर्ड में पुलिस महानिरिक्षक (आइजी) पद पर तैनात हैं।



