प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कैबिनेट मीटिंग की। इसमें एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और फॉरेन ट्रेड को लेकर कुछ अहम फैसले लिए गए। तीन फैसलों का खास तौर पर जिक्र किया जा सकता है। पहला- दो रेल लाइन का दोहरीकरण। दूसरा- निर्यात बढ़ाने के लिए उपाय। तीसरा- मिड डे मील की जगह प्रधानमंत्री पोषण योजना।
‘मिड डे मील’ की जगह अब ‘पीएम पोषण’
सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए ‘पीएम पोषण’ स्कीम शुरू करने का फैसला लिया गया है। यह योजना मिड डे मील की जगह लेगी। इस स्कीम के तहत 11.2 लाख से ज्यादा सरकारी स्कूलों के बच्चों को दिन का खाना मुफ्त मिलेगा।
सरकार ने ‘पीएम पोषण’ स्कीम के तहत अगले पांच साल में 1.31 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का फैसला किया है। यूनियन मिनिस्टर अनुराग ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार इस स्कीम को राज्यों की मदद से चलाएगी।
पीएम पोषण ‘बाल वाटिका’ के बच्चों को भी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक ‘बाल वाटिका’ में आने वाले 1-5 साल के बच्चों को भी पीएम पोषण मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्कूलों में इस योजना के लिए स्थानीय स्तर पर उगाए गए पौष्टिक अनाज उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
नीमच-रतलाम रेल लाइन का दोहरीकरण
ठाकुर ने बताया कि 1,096 करोड़ रुपए से नीमच-रतलाम रेल लाइन को डबल लाइन में बदलने का फैसला लिया गया है। उनके मुताबिक, राजकोट-कानालुस रेल ट्रैक को भी डबल किया जाएगा। इस रेल लाइन को दोहरा करने पर सरकार 1,080 करोड़ का खर्च करेगी।



