मौनी अमावस्या(16 जनवरी) पर करीब १ करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक, इस बार पिछले 6 साल का रिकॉर्ड टूटा है। दरअसल, मान्यता यह है कि इस दिन पवित्र नदी और मां का दर्जा रखने वाली गंगा मैया का जल अमृत बन जाता है। इस दिन व्रती को मौन धारण करते हुए दिन भर मुनियों सा आचरण करना पड़ता है, इसलिए इसे मौनी अमावस्या कहा जाता है।
माघमेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिन भर कमिश्नर आशीष गोयल, डीएम सुहास एलवाई, एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी अतुल सिंह, माघमेला प्रभारी एडीएम राजीव कुमार राय समेत अन्य अफसर मानीटरिंग करते रहे।
– इस दौरान माघ मेला क्षेत्र में अपनों से बिछड़े सात हजार चार सौ 25 महिला एवं पुरुष तथा 19 बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया गया।
– माघ मेला प्रभारी एडीएम राजीव कुमार राय ने बताया, ”शासन का जो अंदाजा था उसके मुताबिक १ करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी। लेकिन यह बढ़कर १
करोड़ के पार हो गया।”



