मकर संक्रांति पर रविवार को लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। हर-हर गंगे के जयकारों के साथ स्नानार्थियों ने संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर स्नान किया। प्रशासन ने रविवार से अब तक तकरीबन 55 लाख स्नानार्थियों के डुबकी लगाने का दावा किया है। सोमवार सुबह 3 बजे से ही गंगा स्नान शुरू हो गया।
रविवार शाम से शुरू हुए पुण्यकाल में स्नान करने के बाद सोमवार सुबह से ही लोग स्नान करने पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु आधी रात से ही संगम क्षेत्र पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चाकचौबंद व्यवस्था थी। कमांडो आरएएफ के जवान मुस्तैदी से चप्पे-चप्पे पर तैनात थे। पुलिस, प्रशासन के अतिरिक्त नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवक भी सहयोग के लिए स्नानघाटों सहित पूरे मेला क्षेत्र में डटे हैं।
-रविवार को सूर्यास्त के बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश किया। इसी के साथ मकर संक्रांति का पर्व शुरू हो गया, जो सोमवार तक चलेगा। पर्व मनाने के लिए घरों-मठों में तैयारियां कर ली गईं हैं। लोग पुण्य की डुबकी लगाने के बाद तिल के लड्डू, खिचड़ी आदि का दान कर रहे हैं। इस दौरान पतंगबाजी भी जमकर देखने को मिल रही है। इसी के साथ खरमास भी खत्म हो जाएगा, लेकिन शुक्र 4 फरवरी को उदय होगा, लिहाजा तभी मांगलिक कार्य शुरू हो सकेंगे।




