भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में शुरू हुई। पहले दिन 2019 लोकसभा चुनाव की रणनीति और मुद्दों पर चर्चा हुई। चर्चा का फोकस दलितों पर रहेगा। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया कि भाजपा को आगामी लोकसभा चुनाव में 2014 से भी ज्यादा सीटें मिलेंगी। उन्होंने बैठक में अजेय भाजपा का नारा दिया। शाह ने कहा, ”महागठबंधन एक ढकोसला, भ्रांति और झूठ है। इसमें शामिल पार्टियां 2014 में भाजपा से हार चुकी हैं। गठबंधन बेअसर साबित होगा।”
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, अमित शाह ने कहा, ”अविश्वास प्रस्ताव दो स्थितियों में लाया जाता है। सरकार बहुमत गंवा दे या सरकार जनता के लिए चिंता का विषय बन जाए। यहां ऐसी कोई परिस्थिति नहीं थी, तब भी विपक्ष इसे लेकर आया। यह उनकी हानिकारक राजनीति दर्शाता है।” रोहिंग्या और एनआरसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा, ”अगर अफगानिस्तान, पाकिस्तान या बांग्लादेश के हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई या जैन शरणार्थी बनने के लिए संपर्क करेंगे तो उन्हें यह दर्जा देने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी।”
भाजपा अध्यक्ष का कार्यकाल बढ़ा : अमित शाह के लोकसभा चुनाव तक पार्टी अध्यक्ष बने रहने का फैसला भी लिया गया। उनका कार्यकाल जनवरी में खत्म हो रहा है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, सुरेश प्रभु भी बैठक में शामिल हुए। मोदी रविवार को पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे।
5 राज्यों के विधानसभा चुनाव पर भी नजर : बैठक में अगले लोकसभा चुनाव के साथ पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा हो रही है। चुनावी राज्यों में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना शामिल हैं। अमित शाह ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा, ”लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जीत के लिए संकल्प लें, क्योंकि इस शक्ति को कोई नहीं हरा सकता है। इन दिनों एससी/एसटी के मुद्दे पर असमंजस पैदा करने की कोशिश हो रही है, लेकिन लोकसभा चुनाव पर इसका असर नहीं होगा। हमारे पास दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता है। दोबारा पूर्ण बहुमत से सत्ता में आएंगे।”



