थरवई थाने की कार्यशैली कटघरे में: जगन्य अपराध के आरोपी से कब मिलेगा पीड़िता को न्याय?
थरवई, प्रयागराज। योगी सरकार द्वारा प्रदेश में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत एक बार फिर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।प्रयागराज के गंगानगर क्षेत्र अंतर्गत थाना थरवई में एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए जाने का सनसनीखेज और हृदयविदारक मामला सामने आया है। यह घटना न केवल कानून- व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि समाज की आत्मा को भी झकझोर देने वाली है। हैरानी की बात यह है कि इतने जघन्य अपराध के बावजूद अब तक की पुलिस कार्रवाई सवालों के घेरे में है। पीड़ित पक्ष न्याय की आस लगाए दर-दर भटकने को मजबूर है, जबकि आरोपी खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाना प्रभारी स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, और “जांच की जा रही है” कहकर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। सवाल यह है कि जांच आखिर किस दिशा में और किस गति से चल रही है? क्या नाबालिग के साथ हुए इस अपराध को भी फाइलों में दबा दिया जाएगा? अगर ऐसे अपराधों के आरोपी कानून के डर से मुक्त रहेंगे, तो आने वाला भविष्य बेटियों की सुरक्षा के लिहाज से और भी भयावह होगा। यह केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारियों से मांग है कि वे तत्काल इस मामले का संज्ञान लें, निष्पक्ष व त्वरित जांच कराएं और दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और समाज में यह संदेश जाए कि बेटियों पर अपराध करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।



