रविवार को विदेशों में फंसे भारतीयों के लिए गाइडलाइन जारी की है। सरकार ने कहा है कि इस वापसी का पूरा खर्च यात्रियों को ही उठाना होगा। तरजीह उन्हें दी जाएगी जो मुश्किल में हैं, जिनकी नौकरी चली गई है। इनके अलावा बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को देश में आने की इजाजत दी जाएगी। इसी तरह का स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) उन लोगों के लिए जारी किया गया है, जो भारत में फंसे हुए हैं और अपने देशों को जाना चाहते हैं।
- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा- जिन देशों में भारतीय फंसे हैं, वहां के दूतावासों में रजिस्ट्रेशन जरूरी है। इसमें विदेश मंत्रालय द्वारा बताई गई जरूरी जानकारियां देनी होंगी।
- मुश्किल में फंसे लोगों, नौकरी खोने वाले वर्करों, कम अवधि वाले वीजा होल्डर्स, स्वास्थ्य संबंधी इमरजेंसी से जूझ रहे लोगों, गर्भवती महिलाओं, किसी की मृत्यु पर भारत आने की कोशिश कर रहे लोगों और छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- यात्रा का पूरा खर्च यात्री ही उठाएंगे। जो भी यात्री भारत आएंगे, उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन क्वारैंटाइन गाइडलाइन का पालन करना होगा।




