अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में हुई मौत मामले में सोमवार को 15 दिन हो जाएंगे। 5 अक्टूबर को नरेंद्र गिरि की षोडशी है और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) के हाथ अभी भी खाली हैं। अभी तक आनंद गिरि के लैपटॉप, मोबाइल से सीबीआई को न तो ब्लैकमेल का वीडियो और न ही कोई आडियो मिला है। तीनों मुख्य आरोपियों की एक सप्ताह की रिमांड भी 4 अक्टूबर को खत्म हो गई। सीबीआई ने सोमवार को आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी की रिमांड खत्म होने पर शाम चार बजे नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया। सीबीआई की टीम ने तीनों को कड़ी सुरक्षा में जेल अधिकारियों को सौंप दिया है।
सुसाइड नोट में आनंद, आद्या और संदीप मौत के जिम्मेदार
महंत नरेंद्र गिरि के कमरे से जो सुसाइड नोट मिला है उस पर मिले फिंगर प्रिंट और बैंक के दस्तावेजों में महंत के दस्तखत से मैच हो गए हैं। ऐसे में अभी तक की सीबीआई जांच में एक बात तो साफ हो गई है कि सुसाइड नोट पर दस्तखत नरेंद्र गिरि के ही हैं। उसके कंटेंट नरेंद्र गिरि ने लिखे हैं या उसे किसी और ने लिखा है इसकी अभी जांच चल रही है। वैसे सुसाइड करने से पहले नरेंद्र गिरि ने जो अपने मोबाइल से 4 मिनट का वीडियो शूट किया था। उसका कंटेंट और सुसाइड नोट के कंटेंट लगभग एक ही होने से यह बात भी सीबीआई की जांच में साबित हो रही है कि सुसाइड नोट बाबा नरेंद्र गिरि का ही लिखा हुआ है। सीबीआई के सूत्र भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि इस केस में कोई बहुत सनसनीखेज खुलासे जैसी बात नहीं होने वाली है।



