आज बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ गौ, गंगा, जल, जंगल और जमीन जन-जागरण यात्रा संगम नोज त्रिवेणी पहुँची। इस दौरान श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर जंगल और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।यात्रा प्रमुख अश्विनी कुमार सिंह पटेल ने कहा कि गौ, जल, जंगल और जमीन का संरक्षण मानव का अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्य और धर्म भी है। उन्होंने बताया कि जंगल हमें प्राणवायु देते हैं, जल चक्र को बनाए रखते हैं, जैव विविधता की रक्षा करते हैं और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में अहम भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि गौ माता हमारे लिए पोषण, रोजगार और आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत हैं, वहीं गंगा मैया हमारी आस्था और जीवन की धारा हैं, जिनकी स्वच्छता और अविरलता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।जल है तो जीवन है—आज जल संरक्षण सबसे बड़ा विषय बन चुका है।इस जन-जागरण यात्रा के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि यदि गौ, गंगा, जल, जंगल और जमीन का संरक्षण नहीं किया गया, तो मानव जीवन का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।यात्रा में श्री जय सिंह, श्री राजेश सिंह, श्री केपी सिंह, अजय सिंह, श्री परमानंद, श्री संजय सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता और श्रद्धालु शामिल हुए।
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