वर्तमान लाइफस्टाइल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। ना सिर्फ युवा बल्कि बुजुर्ग भी मोबाइल के खासे शौकीन हो गए हैं। मोबाइल फोन सुविधा का साधन होने के साथ ही खतरे की घंटी भी है। हाल ही में एक शोध में खुलासा हुआ है कि मोबाइल फोन से निकलने वाला रेडिएशन इंसान की सेहत के लिए खतरनाक है। वैज्ञानिकों का कहना है कि फोन से निकलने वाली रेडिएशन मानव मस्तिष्क पर काफी बुरा प्रभाव डालती है।

 

यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ तिरुवनंतपुरम के जीव विज्ञान विभाग ने यह शोध किया है। उनका कहना है कि मोबाइल रेडिएशन का स्वास्थ्य पर असर बहुत बुरा पड़ता है। यह शोध करेंट साइंस नाम की पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल ये शोध कॉकरोच पर किया गया है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच पर जब मोबाइल रेडिएशन का अध्ययन किया गया तो पता चला कि मोबाइल से निकलने वाला इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन (EMR) कॉकरोच के शरीर के रसायनों को तेजी से बदल रहा है।

यह बदलाव विशेष रूप से बॉडी फैट और हीमैटोलॉजिकल प्रोफाइल पर बदलाव लाता है। हीमैटोलॉजिकल प्रोफाइल का इस्तेमाल खून का वैज्ञानिक अध्ययन के लिए किया जाता है। ऐसे में जरूरत है कि व्यक्ति फोन का ज्यादा आदि ना हो।

क्यों है ये जानलेवा

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन (EMR) के प्रभाव से बॉडी फैट में मौजूद प्रोटीन तेजी से घटता है और अमीनो एसिड तेजी से बढ़ता है। ऐसे इस ताजा शोध में सामने आया है। इस रेडिएशन से शरीर में ग्लूकोज और यूिरक एसिड बहुत ही तेजी के साथ बढ़ता है। EMR प्रभाव के ताजा शोध में यह भी पाया गया है कि हमारे तंत्रिका तंत्र में मौजूद रसायन में भी तेजी से बदलाव होता है।

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