रेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार-2 के पहले संसदीय सत्र में अब तक 10 विधेयक पास हो गए हैं। 17वीं लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद यह सभी विधेयक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेजे गए हैं। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह विधेयक कानून बन जाएंगे। गुरुवार को गाम्बिया दौरे से लौटने के बाद कोविंद ने तीन तलाक (मुस्लिम महिला- विवाह अधिकार संरक्षण) बिल को मंजूरी भी दे दी। 

तीन तलाक बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद एक कानून बन गया है। अब तीन तलाक देने के दोषी पुरुष को 3 साल की सजा सुनाई जा सकेगी। पीड़ित महिलाएं अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारे-भत्ते की मांग कर सकेंगी।तीन तलाक बिल यानि मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार सरंक्षण) विधेयक 2019 खास रहा है। तीन तलाक बिल मंगलवार को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में पास हो गया था। राज्यसभा में वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 99 और विरोध में 84 वोट पड़े। यह बिल 25 जुलाई को लोकसभा से पास हो चुका था। विपक्ष ने तीन तलाक बिल का विरोध करते हुए लोकसभा से वॉकआउट किया।

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