छत्तीसगढ़ में बाघों की गिनती में बड़ा घपला फूटा है। वन विभाग ने 2014 की गणना में छत्तीसगढ़ के तीन टाइगर रिजर्व में 46 बाघों की मौजूदगी का आंकड़ा देकर वाहवाही लूटी थी। लेकिन 2018 में हुई गणना में हमारे प्रदेश में बाघों की संख्या घटकर 19 रह गई है।

इंद्रावती में नक्सल मूवमेंट के कारण कभी बाघों की गिनती नहीं हो सकी। उदंती-सीतानदी में केवल एक बाघ ही बचा है। प्रदेश में पिछले 15 साल में 3 बार बाघों की गिनती हुई है। 2006 की गणना में यहां 26 और 2010 की गणना में 23 बाघ मिले थे। कुल मिलाकर प्रदेश में 2010 और उससे पहले गणना में 25 से अधिक बाघ कभी दर्ज नहीं हुए थे।

अब सवाल ये उठ रहा है कि अगर पिछली गणना सही थी और यहां 46 बाघ थे, इनमें से 2 की मौत की अधिकृत सूचना है, करीब 10 प्रतिशत (अधिकतम 5) को प्रवासी भी मान लिया जाए तो यहां कम से कम 40 बाघ होने चाहिए थे। मगर हैं 19 ही, तो बाकी 21 का आखिर क्या ???

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here