मेला प्रशासन ने अखाड़ों से लंबी बातचीत के बाद 13 अखाड़ों के महंतों एवं प्रतिनिधियों और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों की मौजूदगी में प्रथम शाही स्नान की समय सीमा तय कर दी है। सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े का जुलूस निकलेगा जबकि सबसे अंत में निर्मल अखाड़े का जुलूस रहेगा। रथ बग्गी घोड़ा हाथी पर सवार साधु संतों का पहला जुलूस सुबह पांच बजकर 15 मिनट पर निकलेग। 3 किलोमीटर की दूरी तय करके संगम नोज पर साधु संत स्नान करेंगे 

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