विधानसभा में शनिवार शाम 4 बजे फ्लोर टेस्ट होना था। सभी विधायक मौजूद थे। लेकिन कांग्रेस-जेडीएस का कोई विधायक न गैरहाजिर हुआ, न किसी ने खेमा बदला। इसके बाद येदियुरप्पा ने 20 मिनट का भावुक भाषण दिया और विश्वास मत पेश किए बिना ही इस्तीफा दे दिया। ठीक उसी तरह जिस तरह अटल बिहारी वाजपेयी ने 22 साल पहले किया था और शपथ के 13 दिन बाद विश्वास मत से पहले प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। येदियुरप्पा के इस्तीफे के साथ ही एचडी कुमारस्वामी के दूसरी बार कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। शनिवार शाम उन्होंने राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की। बाद में कहा- राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया है। शपथ ग्रहण सोमवार दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच होगा।

विपक्ष की किलेबंदी पर येदियुरप्पा ने कहा- कांग्रेस ने विधायकों को कैद कर रखा था
– येदियुरप्पा ने कहा- मैं राज्य का दौरा करूंगा और लोगों को बताऊंगा कि किन परिस्थितियों में मुझे मुख्यमंत्री बने रहने से रोेका गया। कांग्रेस-जेडीएस के नेताओं ने अपने विधायकों को कैद कर रखा और उन्हें अपने परिवारों से मिलने तक का मौका नहीं दिया था।
– उन्होंने अपने भाषण में मोदी और अमित शाह से वादा किया कि राज्य में लोकसभा की सभी 28 सीटें वे भाजपा को दिलवाएंगे और मैं फिर लौटकर आऊंगा।

५५ घंटे के सी एम का इस्तीफा

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