मोदी सरकार का अाखिरी फुल बजट पेश किया। इस बजट में अगले 14 महीने में देश में होने वाले लोकसभा समेत 14 चुनावों का इफेक्ट नजर आया। मिडिल क्लास के लिए ऐसा कोई एलान नहीं हुआ, जिससे उसे टैक्स में फायदा मिले। ल इनमें आयुष्मान भारत योजना शामिल है। इसके तहत 10 करोड़ परिवारों को हॉस्पिटलाइजेशन पर 5 लाख रुपए सालाना का हेल्थ कवर मिलेगा। इसका फायदा 40 से 50 करोड़ लोगों तक पहुंचेगा। वहीं, किसानों को ध्यान में रखते हुए खरीफ की फसलों पर डेढ़ गुना मिनिमम सपोर्ट प्राइज देने की भी जेटली ने घोषणा की। सरकार इनकम टैक्स में स्टैंडर्ड डिडक्शन से 8,000 करोड़ रुपए तो गंवाएगी, लेकिन हेल्थ और एजुकेशन पर 1% सेस बढ़ाकर 11 हजार करोड़ रुपए वसूल लेगी।

1% सेस बढ़ाया, ताकि सरकार को 11000 करोड़ मिले
– पर्सनल इनकम टैक्स और कॉरपोरेशन टैक्स पर एजुकेशन पर 3% सेस लगता था। इसकी जगह अब हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर की फंडिंग के लिए 4% सेस लगेगा। इससे सरकार को 11 हजार करोड़ रुपए का एडिशनल रेवेन्यू मिलेगा।

4) पेट्रोल-डीजल पर जितनी एक्साइज ड्यूटी घटाई, उतना ही रोड सेस लगाया
– सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 2 रुपए की बेसिक एक्साइज ड्यूटी कम की और 6 रुपए एडिशनल एक्साइज ड्यूटी खत्म कर दी।

२०१८ का बजट पेश करने जाते -अरुण जेटली

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